हर नमाज़ की रकअत

सभी मसलक दिन में 17 फ़र्ज़ रकअतों पर सहमत हैं। उनके साथ की नफ़्ल नमाज़ें मसलक के अनुसार अलग हैं।

नमाज़फ़र्ज़सुन्नत (हनफ़ी)सुन्नत (शाफ़ई, हंबली)नाफ़िला (जाफ़री)
फ़ज्र22 पहले2 पहले2 पहले
ज़ुहर44 पहले, 2 बाद2 पहले, 2 बाद8 पहले
अस्र44 पहले (ग़ैर-मुअक्कदा)4 पहले (ग़ैर-मुअक्कदा)8 पहले
मग़रिब32 बाद2 बाद4 बाद
इशा42 बाद, फिर 3 वित्र2 बाद, फिर वित्र2 बाद, बैठकर (एक गिनी जाती है)

रात की नमाज़: हनफ़ी मसलक में वित्र 3 रकअत और वाजिब है; शाफ़ई, मालिकी और हंबली में कम से कम 1 रकअत और सुन्नत। जाफ़री मसलक में नमाज़-ए-शब 11 रकअत है: 8, फिर 2 (शफ़अ), फिर 1 (वित्र)। मालिकी मसलक में भी मिलती-जुलती सुन्नतें हैं और फ़ज्र से पहले की 2 रकअतों पर ज़ोर है।

हवाले

आख़िरी अपडेट: मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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