इशराक़ का समय
आज नई दिल्ली में
6:32 am से 9:13 am तक
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कब पढ़ें
इशराक़ तब पढ़ी जाती है जब सूरज पूरी तरह निकलकर क्षितिज से कुछ ऊपर आ जाए, सूर्योदय के लगभग 15 मिनट बाद। सूरज निकलते समय नमाज़ जायज़ नहीं। बहुत से उलमा इशराक़ को चाश्त के समय का शुरुआती हिस्सा मानते हैं।
कितनी रकअत
2 रकअत, या 4।
क़ुरआन और हदीस
- तिर्मिज़ी 586 जो फ़ज्र जमाअत से पढ़े, फिर सूर्योदय तक बैठकर अल्लाह का ज़िक्र करे, फिर दो रकअत पढ़े, उसे हज और उमरा जैसा सवाब मिलता है। इमाम तिर्मिज़ी ने इसे हसन ग़रीब कहा; कुछ उलमा इसे ज़ईफ़ मानते हैं।
- सहीह मुस्लिम 831, 832 सूरज निकलते समय नमाज़ न पढ़ो, जब तक वह ऊँचा न हो जाए।
आख़िरी अपडेट: मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026